National pension scheme (NPS)

National pension scheme! इस योजना के बारे में तो आप लोगों ने कहीं ना कहीं सुना ही होगा। लेकिन आज के इस पोस्ट में हम इस योजना के बारे में Detail में चर्चा करने वाले हैं। इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको इस योजना से जुड़ी सारी बातों का अच्छी तरह से पता लग जाएगा। यह वाकई में एक बहुत ही कारगर और अच्छी योजना है, जिसका लाभ देश के लाखों जनता उठा रहे हैं। आशा है आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़ेंगे और इस आर्टिकल से आप कुछ बेहतर और अच्छा ज्ञान प्राप्त करने में सफल होंगे।

तो चलिए शुरू करते हैं और सबसे पहले जानते हैं, नेशनल पेंशन स्कीम है क्या

नेशनल पेंशन स्कीम क्या है?

नेशनल पेंशन स्कीम(National Pension Scheme) को कर्मचारियों के लिए शुरू किया गया था। इस योजना की शुरुआत जनवरी 2004 में हुई थी। उसके बाद 2009 में इस योजना को सभी केटेगरी(Category) के लोगो के लिए खोल दिया गया था। यानी कि कोई भी व्यक्ति अपने कामकाजी जीवन के दौरान पेंशन खाते में नियमित रूप से योगदान दे सकता है।

इसके प्रावधान के अनुसार अगर आप इसमें योगदान देते हैं यानी की आप इसमे जो राशि निवेश करेंगे, निवेश करने के पश्चात उसमे आपका जो धन इकट्ठा होगा, उस इकट्ठा हुए धन के एक हिस्से को एक बार में निकाल सकते हैं। और बाकी का जो धन बचा होगा, उस बची हुई राशि का इस्तेमाल रिटायरमेंट के बाद नियमित आय प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं।

किसी व्यक्ति के निवेश और उस निवेश पर जो भी रिटर्न्स उस व्यक्ति को मिलता है, उसे मिला कर एनपीएस(NPS) खाता बनता है। एनपीएस(NPS) का मुख्य लक्ष्य पेंशन में सुधारों को स्थापित करना और नागरिकों को उनके सेवानिवृत्ति होने के बाद जीने के लिए बचत प्रदान करना होता है।

जो लोग इस खाते में निवेश कर सकते हैं वह हैं

  • केंद्रीय सरकार के कर्मचारी (Central Government)
  • राज्य सरकार के कर्मचारी (State Government)
  • निजी क्षेत्र के कर्मचारी (Corporate Sector)
  • आम नागरिक (All Citizens Model)

सरकार के इस योजना के तहत, वृद्धावस्था के दौरान व्यक्ति को वित्तीय सुरक्षा और स्थायित्व दिया जाता है। जब लोगों के पास अपनी आय का कोई साधन नहीं होता है, इस योजना के द्वारा यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि लोगो के पास जो प्रतिष्ठा पूर्ण जीवन बची है, उसे वह सुकून के साथ जी सके और अपनी उम्र के बढ़ते वर्षों में अपने जीवन स्तर को किसी भी परिस्थिति में अच्छे से कटा सके।

यानी कि इस पेंशन योजना के जड़ीए लोगो को अपने बुढ़ापे के लिए, अपनी आय को संचित करके रखने का अवसर मिलता है और सेवानिवृत्ति के समय वार्षिक योजना के रूप में उन्हें एक रकम प्राप्त होता है। भारत सरकार ने अधिक से अधिक नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को आरंभ किया है।

इस योजना में शामिल होने के लिए योग्यता

  • कोई भी भारतीय नागरिक इस स्कीम में भाग ले सकता है।
  • इस स्कीम में भाग लेने के लिए व्यक्ति की उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए।

एनपीएस(NPS) से होने वाले टेक्स लाभ

  •  भारत सरकार ने एनपीएस(NPS) से अंतिम निकासी पर भुगतान करने में छूट दी है। छूट सीमा को 40% से बढ़ाकर 60% कर दिया है।
  • Finanece Minister ने पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) से नेशनल पेंशन स्कीम को (NPS) अलग करने का फैसला किया है।
  • सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों के खातों में योगदान की सीमा 10 से बढ़ाकर 15% करने का प्रस्ताव किया है।
  • मौजूद सुविधाओं के अनुसार, कोई भी एनपीएस(NPS) ग्राहक रुपए की कुल सीमा में इनकम टैक्स एक्ट(Income Tax Act) के सेक्शन 80CCD (1) के तहत ग्रॉस इनकम(Gross Income) के 10 फीसदी तक टेक्स में डिडक्शन क्लेम कर सकता है और सेक्शन 80CCE के तहत यह लिमिट 1.5  लाख है।
  • सेक्शन 80CCE के तहत ग्राहक ₹50000 तक का अतिरिक्त डिडक्शन क्लेम कर सकता है।
  • एन्युटी के खरीद में निवेश की गई राशि को कर से पूरी तरह छूट प्राप्त है।

NPS Account कैसे शुरू करें ?

एनपीएस(NPS) में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से खाता खोल सकते हैं। पहले

जानिए ऑफलाइन तरीका

  • एनपीएस में खाता खोलने के लिए पहले अपने नजदीकी “Point of Presence” को ढूंढ ले।
  • अपने नजदीकी पीओपी(POP) से एक सब्सक्राइब फॉर्म ले और इसे केवाईसी(KYC) पेपर्स के साथ जमा करें।
  •  आप जब पहली बार निवेश करते हैं। तो पीओपी आपको एक (PRAN) स्थाई रिटायरमेंट खाता संख्या भेजता है।
  • पीओपी आपको जो संख्या और पासवर्ड भेजेगा आप उसकी मदद से अपने खाते को चला सकते हैं।
  • और इस प्रक्रिया के लिए आपको पहले 125 रुपये का रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर भुगतान करना होगा।

जानिए ऑनलाइन प्रक्रिया

  • आप अपने खाते को ऑनलाइन खोलना चाहते हैं, तो अगर आप अपने पैन कार्ड आधार कार्ड या मोबाइल नंबर से अपने खाते को जोड़ते हैं, तो आपके लिए आसानी होगी।
  • ऐसे में आप अपने मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी का उपयोग करके रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
  • और उसके बाद आपको एक PRAN ( स्थाई  सेवानिवृत्ति खाता संख्या ) मिलेगा। जिसकी मदद से आप एनपीएस को लॉग इन कर सकते हैं।

एनपीएस में दो तरह के अकाउंट होते हैं। एनपीएस टियर 1 और एनपीएस टियर 2। इन दोनों अकाउंट में से टियर 1 ही रिटायरमेंट पेंशन अकाउंट है। और टियर 2 की बात करें तो, टियर 2 का जो अकाउंट है, वह म्यूच्यूअल फंड की तरह होता है। और आप जब चाहे उससे पैसे निकाल सकते हैं।

NPS की रिटर्न पॉलिसी

एनपीएस में आपको कोई रिटर्न की गारंटी नहीं मिलती है और सरकार भी हर साल रिटर्न की घोषणा नहीं करती है। आप जब निवेश करेंगे तो आप बता सकते हैं कि आपका पैसा कैसे निवेश करना है। अगर आप एनपीएस में खाता खोल लेते हैं, उसके बाद भी अगर आप चाहे तो निवेश के पैटर्न को बदल सकते हैं।

NPS निवेश करने के विकल्प 

  • आप पैसा, इक्विटी फंड (E) में लगा सकते हैं।
  • आप पैसा, सरकारी बॉन्ड्स (G) में लगा सकते हैं।
  • आप पैसा, कॉर्पोरेट बॉन्ड्स (C) में लगा सकते हैं।

और इसके साथ आपको  फंड मैनेजर का चुनाव भी करना पड़ेगा।

आपके पास निवेश करने के लिए दो तरीके हैं —

1. आप अपने निवेशकों चयन खुद कर सकते हैं। मतलब कितना पैसा (E), (G) और (C) में डालना है, वह खुद निश्चित कर सकते हैं। हम Active Choice कहते हैं। Corporate Sector NPS  और All Sitizens Model NPS, ग्राहकों के लिए इक्विटी फंड (E) में निवेश करने की सीमा अधिकतम 50 फ़ीसदी है और सरकारी में यह सीमा 15 फ़ीसदी है।

2. Corporate Sector NPS और All Sitizens Model NPS ग्राहकों के पास Auto Choice का भी Option होता है। इसमें धीरे-धीरे Age के साथ इक्विटी में निवेश कम होता जाता है, जिसे Auto चॉइस या LifeCycle फंड कहा जाता है। साथ ही, ध्यान रखें कि यह विकल्प सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध नहीं होता।

Annuity Plan (वार्षिकी) प्लेन की क्या होती है —-

वार्षिकी प्लेन के तहत आप एक बीमा कंपनी को एक मुश्त पैसा देते हैं और इसके बदले आपको पूरी जिंदगी पेंशन मिलती रहती है। उदाहरण के हिसाब से अगर आपके पास मान लीजिए 10 लाख रुपये है और उस समय ब्याज 6% है। तो कंपनी 10 लाख रुपए लेकर आपको आजीवन हर वर्ष 60000 रुपये देगी। अगर आप मंथली आय का विकल्प चुनते हैं। तो आपको हर महीने 5000 मिलेंगे। इस पॉलिसी में आप चाहे एक सौ वर्ष जिए या फिर आप डेढ़ सौ वर्ष की आयु तक जिए, आप को हर महीने

5000 करके मिलता रहेगा। ध्यान रखें कि आपको कम से कम जमा किए हुए 40% राशि से एक Annuity Plan खरीदना होगा।

एनपीएस पेंशन एक ऐसी योजना है, जिसमें आप अपने रिटायरमेंट के बाद जीवन जीने की जरूरतों के लिए निवेश करते हैं और आप जो पैसा रिटायरमेंट से पहले एनपीएस खाते में निवेश करते रहते हैं, वह पैसा सरकार आप को रिटायरमेंट के बाद देती है। जब आपका आयु 60 वर्ष हो जाती है तो आपका एनपीएस खाते को बंद कर दिया जाता है। जब आपका खाता बंद होगा, उस समय आप कुछ पैसे जरूरत के हिसाब से निकाल सकते हैं।

वार्षिक या एन्युटी(Annuity प्लान कई स्वरुप में होते हैं। जैसे अगर आप की मृत्यु होती है। तो उसके बाद आपके पति या पत्नी जो भी हो, उनकी भी पेंशन जारी रहेगी। उसमें आप अपने जरूरत के हिसाब से उचित विकल्प का पहले ही चयन कर सकते हैं।

एनपीएस(NPS) कैलकुलेटर

अगर आप अपना पेंशन कैलकुलेट करना चाहते हैं। तो आप उसे कैलकुलेट कर सकते हैं, अपने निवेश के हिसाब  डिटेल्स(Details) को फील करके। तो आइए जानते हैं आप कैसे अपने निवेश के Details को फील करके अपने पेंशन को कैलकुलेट कर सकते हैं।

  • आप गूगल पर जाकर पेंशन कैलकुलेट सर्च करेंगे तो सबसे पहले ही आपको पेंशन केलकुलेटर लिखा हुआ देखने को मिलेगा। आपको उस पर जाना है। जाने के बाद आपसे उसमे बहुत सारे Details मांगे जाएंगे, जैसे —
  • उसमें आपको सबसे पहले डेट ऑफ बर्थ(Date Of Birth) मांगा जायगा। आपको सबसे पहले अपना डेट ऑफ बर्थ अपने हिसाब से फील करना है।
  • उसके बाद नीचे आपको डालना होगा, कि आप हर महीने कितने पैसे इन्वेस्ट कर सकते हैं।
  • इसके बाद आप अपना एक एक्सपेक्टेड “Return on Investment” डाल सकते हैं।
  •  जैसे कि हमने आपको पहले बताया कि Annuity आप को कम से कम 40% डालना होगा। तो उसमें कम से कम 40% से ही स्टार्ट होगा। आप चाहे तो उसको बढ़ा सकते हैं।
  • उसके बाद आप अपने Annuity Rate  को डिसाइड कर लीजिए।
  • इस तरह से आप देख सकते हैं, कि मंथली पेंशन कितनी बनती है।

NPS में, कर्मचारी के मृत्यु के पश्चात लाभ

2 लाख से अधिक की राशि होने पर

मृत्यु होने वाले व्यक्ति की जमा कि गयी धनराशि अगर दो लाख से अधिक है, तो उस राशि के 20% मृत्यु हुए व्यक्ति के जो अधिकृत व्यक्ति होते हैं, उनको प्राप्त होता है। बाकी 80% आंशिक रूप में निर्धारित प्रावधानों के हिसाब से दिया जाता है। इस लाभ को लेने के लिए DDO या DTO  के माध्यम से CRA (Central Record Keeping Agency) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। जिस समय आप आवेदन करेंगे, उसके 24 घंटे के अंदर सारी प्रक्रियाएं स्टार्ट हो जाती है।

2  लाख से नीचे की राशि होने पर

अगर मृत्यु होने वाले व्यक्ति की जमा राशि 2 लाख से कम है, तो ऐसे में वह राशि को 100 प्रतिशत मुश्त ले सकते हैं। यानी की पूरी की पूरी राशि को एक बार में ले सकते हैं। उसके लिए आपको DDO या DTO के माध्यम से दो Annexure जमा करवाने होते हैं। उसमें से एक जो होता है, वह नोडल अधिकारी का घोषणा पत्र होता है और दूसरा अनापत्ति प्रमाण पत्र होता है।

राज्य सरकार की अंतरिम पारिवारिक पेंशन 

तीसरी स्थिति होती है, अंतरिम पारिवारिक पेंशन। अगर मृत्यु होने के पश्चात मृत्यु होने वाले कर्मचारी के अधिकृत व्यक्ति को ऊपर दिए गए दोनों तरीकों से पेंशन को नहीं लेना है, तो वह अंतरिम पारिवारिक पेंशन ले सकता है। यह राज्य सरकार द्वारा निर्धारित होता है। इसके लिए अधिकृत व्यक्ति ने अगर पहले 20% राशि को प्राप्त कर लिया है, तो उस राशि को उससे पहले सरकारी अकाउंट में जमा करवाने होंगे। उसके बाद वह अंतरिम पारिवारिक पेंशन का लाभ उठा सकता है।

आज आपने क्या सीखा?

आशा करते हैं आपको नेशनल पेंशन स्कीम से जुड़ी सारी जानकारी अच्छी तरह से समझ आ गई होगी और अपने इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने के साथ लाइक भी जरूर किया होगा। हमने अपनी तरफ से हर पॉइंट को cover करने का पूरा प्रयास किया, लेकिन फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल या doubt बच गया हो तो निसंकोच कमेंट करके पूछे। हम जल्द से जल्द आपके प्रश्नों का उत्तर देंगे।

देश के वृद्धों के लिए यह एक बहुत अच्छी योजना है और जीवन का बहुत बड़ा सहारा है। इस योजना के बाद उन्हें किसी के उपर भी निर्भर रहने की कोई जरूरत नहीं है। देश के वृद्ध नागरिकों के हित में उठाया गया सरकार का यह कदम वाकई में सराहनीय है। जिसके लिए भारत सरकार का तहे दिल से धन्यवाद।

Leave a Comment